|55| 25.05.2018 (Hindi)
लम्हें बीते जा रहे हैं
क्या पता फिर तुमसे मिलना हो या ना हो
तसल्ली रखूं भी कैसे
मुझे कोई वजह तो दो
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क्या पता फिर तुमसे मिलना हो या ना हो
तसल्ली रखूं भी कैसे
मुझे कोई वजह तो दो
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